रैली की भीड़ से 20 KM तक जाम, गहलोत को बाइक पर लेकर पहुंचे पायलट






रा जस्थान के करौली में कांग्रेस ने राज्य में अब तक की सबसे बड़ी सभा कर अपनी ताकत का एहसास कराया है. रैली में भीड़ इतनी उमड़ी कि कांग्रेस महासचिवअशोक गहलोत और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट जनता के बीच मोटरसाइकिल पर सवार होकर पहुंचे. हर तरफ 20 किलोमीटर तक का जाम लगा हुआ था, तब पायलट ने एक कार्यकर्ता से मोटरसाइकिल मांगी और गहलोत को बैठाकर सभा स्थल तक पहुंचे.

करौली के त्रिलोक चंद माथुर स्टेडियम में आयोजित रैली में भारी भीड़ के कारण लोगों को पैर रखने तक की जगह नहीं मिल रही थी. स्टेडियम के बाहर भी हजारों लोगों की भीड़ का जमावड़ा बना रहा. वहीं सड़क पर हजारों वाहनों के कारण जाम की स्थिति रही, जिससे अन्य वाहनों का आवागमन बंद हो गया. 6 घंटे देरी से पहुंचे कांग्रेस नेताओं को 15 किमी पहले अपने वाहन छोड़ने पड़े.

सभा को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि भाजपा ने झूठ बोलकर चुनाव जीता है. कांग्रेस ने हार को विनम्रता से स्वीकार किया, लेकिन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने बहुमत का सम्मान नहीं किया. गहलोत ने कार्यकर्ताओं से कहा कि वह कांग्रेस को जिताने का संकल्प लेकर जाएं. टिकट एक को ही मिलता है, कांग्रेस का टिकट मिलने के बाद उस उम्मीदवार को जिताने में जुट जाएं.

सभा को संबोधित करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट ने कहा कि करौली में अब तक कई राजनीतिक दलों की सभाएं हुई हैं, लेकिन कांग्रेस की संकल्प रैली अब तक की सबसे बड़ी और ऐतिहासिक सभा बन गई है. पायलट ने कहा कि भाजपा ने लोगों को लड़ाने का काम किया है. उन्होंने कहा कि राजस्थान में कांग्रेस को इतना बहुमत दीजिए कि दिल्ली की सरकार भी हिल जाए.

सचिन पायलट ने सीएम राजे पर पलटवार करते हुए कहा, 'वो मेरे बारे में बोलती हैं कि सचिन नौसिखिया है. वसुंधरा जी मेरे से बड़ी हैं, मैं उनका सम्मान करता हूं. लेकिन राजनीति के अखाड़े में पटखनी देने में कोई कसर नहीं छोडूंगा. लोकतंत्र में राजा, राजघरानों से नहीं किसानों की कोख से पैदा होते हैं. मैं किसान परिवार से आता हूं, वो राजघराने से आती हैं. उन्होंने वसुंधरा राजे पर महलों में रहकर फरमान जारी करने के भी आरोप लगाए.

कांग्रेस की गुटबाजी आई सामने

करौली में मंगलवार को आयोजित हुई कांग्रेस की संकल्प रैली में सभा स्थल पर कार्यकर्ताओं के बीच गुटबाजी उभरकर आई. जब सपोटरा विधायक रमेश मीणा मंच से बोल रहे थे, तब कांग्रेस की पूर्व जिलाध्यक्ष अलका मीणा के समर्थकों ने काले झंडे दिखाकर विरोध जताया और रमेश मीणा के खिलाफ नारेबाजी की. आरोप है कि इसके बाद रमेश मीणा के समर्थकों ने काले झंडे दिखाने वाले अलका मीणा के समर्थकों के साथ मारपीट भी की, जिसमे पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष हरकेश मीणा सहित एक दर्जन कांग्रेस कार्यकर्ता चोटिल हुए हैं. वहीं हरकेश मीणा को उपचार के लिए जयपुर ले जाया गया है. कांग्रेस कार्यकर्ताओं की गुटबाजी का मामला सभा के बाद चर्चा का विषय बना रहा.

सवर्ण समाज और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच हुई झड़प

एससी-एसटी एक्ट का विरोध कर रहे सवर्ण और ओबीसी वर्ग के लोगों पर आज हिंडोन के चौपड़ सर्किल पर कांग्रेस के पदाधिकारियों ने गुस्से में हमला बोल दिया. दोनों पक्षों के बीच चल रहे झड़प को रोकने के प्रयास करते वक्त एक पुलिसकर्मी भी सिर पर पत्थर लगने से घायल हो गया. करौली में आयोजित संकल्प रैली में पीसीसी अध्यक्ष सचिन पायलट एवं पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के काफिले को सवर्ण समाज और ओबीसी वर्ग के लोगों ने काले झंडे दिखाकर एससी-एसटी एक्ट का विरोध किया.

  

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